कम्प्यूटर के विभिन्न भाग (Different Parts of Computer) Part 3

                    कम्प्यूटर के विभिन्न भाग                                       (Different Parts of Computer)           
 

(1). सी पी यू (CPU-Central Prossecing Unit) :- यह Central Prossecing Unit का संक्षिप्त रूप है ! इसे कम्प्यूटर का मस्तिष्क भी कहा जाता है !                           
(2). रैम (RAM- Random Access Memory) :- यह    Random Access Memory का संक्षिप्त रूप है !सामान्य भाषा में इसे कम्प्यूटर का याददाश्त (Memory)  कहा जाता है ! रैम की गणना मेगाबाईट्स (ईकाई) में होती है ! 
 
(3). रोम (ROM-Read Only Memory) :-यह Read Only Memory का संक्षिप्त रूप है ! यह हार्डवेयर का वह भाग है , जिसमें सभी सूचनाएँ स्थायी रूप से इकट्ठा रहती है और जो कम्प्यूटर को प्रोग्राम संचालित करने का निर्देश देता है ! 
 
(4). मदर बोर्ड (Mother Board) :- यह सर्किट बोर्ड होता है , जिसमें कम्प्यूटर के प्रत्येक प्लग लगाये जाते हैं ! CPU RAM आदि यूनिटें मदर बोर्ड (Mother Board) में ही संयोजित रहती है !                                                      
(5). हार्ड डिस्क (Hard Disk) :- इसमें कम्प्यूटर के लिए    प्रोग्रामों को स्टोर (Store) करने का कार्य होता है !         (6). फ्लाॅपी डिस्क ड्राइव (Flopy Disk Drive) :- यह       सूचनाओं को सुरक्षित करने या सूचनाओं का एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर में आदान-प्रदान करने में प्रयुक्त होता है !        (7). सीडी रोम (CD-Compact Disk ROM) :- CD      ROM यानी काॅम्पैक्ट डिस्क छोटे से आकार में होते हुए भी बहुत बड़ी मात्रा में आंकड़ों एवं चित्रों को ध्वनियों के साथ     संग्रहित करने में सक्षम होता है !                                     
(8). की-बोर्ड (Key Board) :- कम्प्यूटर के लेखन प्रणाली  के लिए उपयोग में लाया जाने वाला उपकरण की- बोर्ड कहलाता है ! सामान्यतः 101 कि की-बोर्ड को अच्छा माना जाता है !                                                                   
(9). माउस (Mouse) :- इसकी सहायता से स्क्रीन पर कम्प्यूटर के विभिन्न प्रोग्रामों को कर्सर के माध्यम से संचालित किया जाता है !                                                            (10). माॅनीटर (Monitor):- इस पर कम्प्यूटर में निहित   जानकारियों को देखा जा सकता है ! अच्छे रंगीन माॅनीटर में  256 रंग आते हैं ! माॅनीटर में डाॅट पिच का उपयोग होता है ! डाॅट पिच पर जितने कम नम्बर होते हैं , स्क्रीन पर उभरने  वाली छवि उतनी ही साफ और गहराई के लिए होती है !  
    (11). साउंड कार्ड (Sound Card):- यह जरूरी बातों और जानकारियों को सुनने के साथ-साथ मल्टीमीडिया के बढ़ते प्रयोग के लिए आवश्यक है !                                           (12). प्रिंटर (Printer):-इसकी मदद से कम्प्यूटर पर   अंकित आंकड़ों को कागज पर मुद्रित किया जाता है ! डॉट    मैट्रिक्स , इंक जेट , बबल जेट और लेजर जेट प्रमुख प्रिंटर है ! 
(13). कम्प्यूटर वायरस (Computer Virus) :- कम्प्यूटर वायरस एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक कोड है , जिसका उपयोग कम्प्यूटर में समाहित सूचनाओं को समाप्त करने के लिए होता है ! इससे कम्प्यूटर प्रोग्राम में , किसी टेलीफोन लाइन दुर्भावनावश प्रेषित किया जा सकता है ! इस कोड से गलत सूचनाएँ मिल सकती हैं , एकत्रित जानकारी नष्ट हो सकती है तथा यदि कोई कम्प्यूटर किसी नेटवर्क से जुड़ा है , तो इलेक्ट्रॉनिक रूप से जुड़े होने के कारण यह वायरस सम्पूर्ण नेटवर्क को प्रभावित कर सकता है ! फ्लाॅपियों के आदान-      प्रदान से भी वायरस फैलने का डर रहता है ! ये महीनों , सालों तक बिना पहचाने गए ही कम्प्यूटर में पड़े रह सकते हैं  और उसे क्षति पहुँचा सकते हैं ! इनकी रोकथाम के लिए  इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा-व्यवस्था विकसित की गयी है ! कुछ मुख्य कम्प्यूटर वायरस है —माइकेलेएंजलो, डार्क एवेंजर, किलो,    फिलिप, सी ब्रेन, ब्लडी, चेंज मुंगू एवं देसी !                       

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