कम्प्यूटर के विभिन्न भाग (Different Parts of Computer)
(1). सी पी यू (CPU-Central Prossecing Unit) :- यह Central Prossecing Unit का संक्षिप्त रूप है ! इसे कम्प्यूटर का मस्तिष्क भी कहा जाता है !
(2). रैम (RAM- Random Access Memory) :- यह Random Access Memory का संक्षिप्त रूप है !सामान्य भाषा में इसे कम्प्यूटर का याददाश्त (Memory) कहा जाता है ! रैम की गणना मेगाबाईट्स (ईकाई) में होती है !

(3). रोम (ROM-Read Only Memory) :-यह Read Only Memory का संक्षिप्त रूप है ! यह हार्डवेयर का वह भाग है , जिसमें सभी सूचनाएँ स्थायी रूप से इकट्ठा रहती है और जो कम्प्यूटर को प्रोग्राम संचालित करने का निर्देश देता है !

(4). मदर बोर्ड (Mother Board) :- यह सर्किट बोर्ड होता है , जिसमें कम्प्यूटर के प्रत्येक प्लग लगाये जाते हैं ! CPU RAM आदि यूनिटें मदर बोर्ड (Mother Board) में ही संयोजित रहती है !
(5). हार्ड डिस्क (Hard Disk) :- इसमें कम्प्यूटर के लिए प्रोग्रामों को स्टोर (Store) करने का कार्य होता है ! (6). फ्लाॅपी डिस्क ड्राइव (Flopy Disk Drive) :- यह सूचनाओं को सुरक्षित करने या सूचनाओं का एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर में आदान-प्रदान करने में प्रयुक्त होता है ! (7). सीडी रोम (CD-Compact Disk ROM) :- CD ROM यानी काॅम्पैक्ट डिस्क छोटे से आकार में होते हुए भी बहुत बड़ी मात्रा में आंकड़ों एवं चित्रों को ध्वनियों के साथ संग्रहित करने में सक्षम होता है !
(8). की-बोर्ड (Key Board) :- कम्प्यूटर के लेखन प्रणाली के लिए उपयोग में लाया जाने वाला उपकरण की- बोर्ड कहलाता है ! सामान्यतः 101 कि की-बोर्ड को अच्छा माना जाता है !
(9). माउस (Mouse) :- इसकी सहायता से स्क्रीन पर कम्प्यूटर के विभिन्न प्रोग्रामों को कर्सर के माध्यम से संचालित किया जाता है ! (10). माॅनीटर (Monitor):- इस पर कम्प्यूटर में निहित जानकारियों को देखा जा सकता है ! अच्छे रंगीन माॅनीटर में 256 रंग आते हैं ! माॅनीटर में डाॅट पिच का उपयोग होता है ! डाॅट पिच पर जितने कम नम्बर होते हैं , स्क्रीन पर उभरने वाली छवि उतनी ही साफ और गहराई के लिए होती है !
(11). साउंड कार्ड (Sound Card):- यह जरूरी बातों और जानकारियों को सुनने के साथ-साथ मल्टीमीडिया के बढ़ते प्रयोग के लिए आवश्यक है ! (12). प्रिंटर (Printer):-इसकी मदद से कम्प्यूटर पर अंकित आंकड़ों को कागज पर मुद्रित किया जाता है ! डॉट मैट्रिक्स , इंक जेट , बबल जेट और लेजर जेट प्रमुख प्रिंटर है !
(13). कम्प्यूटर वायरस (Computer Virus) :- कम्प्यूटर वायरस एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक कोड है , जिसका उपयोग कम्प्यूटर में समाहित सूचनाओं को समाप्त करने के लिए होता है ! इससे कम्प्यूटर प्रोग्राम में , किसी टेलीफोन लाइन दुर्भावनावश प्रेषित किया जा सकता है ! इस कोड से गलत सूचनाएँ मिल सकती हैं , एकत्रित जानकारी नष्ट हो सकती है तथा यदि कोई कम्प्यूटर किसी नेटवर्क से जुड़ा है , तो इलेक्ट्रॉनिक रूप से जुड़े होने के कारण यह वायरस सम्पूर्ण नेटवर्क को प्रभावित कर सकता है ! फ्लाॅपियों के आदान- प्रदान से भी वायरस फैलने का डर रहता है ! ये महीनों , सालों तक बिना पहचाने गए ही कम्प्यूटर में पड़े रह सकते हैं और उसे क्षति पहुँचा सकते हैं ! इनकी रोकथाम के लिए इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा-व्यवस्था विकसित की गयी है ! कुछ मुख्य कम्प्यूटर वायरस है —माइकेलेएंजलो, डार्क एवेंजर, किलो, फिलिप, सी ब्रेन, ब्लडी, चेंज मुंगू एवं देसी !

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